My Kerala Tour with Itinerary
जैसा कि अधिकतर लोग केरल के बारे
में जानते ही होंगे, कि वो कितना खूबसूरत प्रदेश है. वहाँ पहाड़ भी है तो समुन्दर
भी है. केरल के backwater का नाम तो सुना ही होगा आपने. यह एक ऐसी जगह है, जिसकी
खूबसूरती के बारे में लिख कर नहीं बताया जा सकता है, आप खुद जाकर देखे.
मै केरल के बारे में ज्यादा
विस्तार से नहीं बताऊंगा, क्यूंकि इसके बारे में बहुत सी जानकारी पहले से ही
इन्टरनेट पर मौजूद है. हालांकि आप इसके बारे में कुछ जानकारी यहाँ क्लिक करके भी पा सकते हैं.
अब आता हूँ मुख्य विषय पर
हम भारत की राजधानी दिल्ली में
रहते हैं. मेरे परिवार में मेरे अतिरिक्त मेरी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं.
केरल के बारे में हमने बहुत कुछ
सुना था. तो हम भी वहाँ जाने के बारे में काफी समय से सोच रहे थे. आखिरकार वर्ष
2018 में वो समय आ ही गया, जब हमने केरल घूमने जाने का फैसला किया.
जैसा कि भारत का हर मध्यमवर्गीय
परिवार सोचता है, हम ये यात्रा कम से कम पैसो में करना चाहते थे. इस बारे में करीब
तीन-चार महीने बहुत research की.
पहले सोचा कि वहाँ ठहरने के लिए
होटल और घूमने के लिए लोकल बस या टैक्सी का इंतज़ाम वहाँ पहुँचने के बाद ही करेंगे.
पर मेरे ऑफिस में ही काम करने वाले जानकार लोगो ने बताया कि वहाँ एक शहर से दूसरे
शहर तक जाने के लिए लोकल टैक्सी बहुत महँगी पड़ेगी और लोकल बस में घूमने जाने के
लिए भाषा की दिक्कत आएगी. क्यूंकि वहाँ अधिकतर लोकल लोग हिंदी भाषा नही समझते.
इसलिए
हमने decide किया कि लोकल ट्रेवल एजेंसी से वहाँ घूमने के लिए एक पैकेज ले लिया
जाए. फिर एक अच्छी और भरोसेमंद ट्रेवल एजेंसी की खोज शुरू हुई. आखिरकार इन्टरनेट
पर बहुत खोजने के बाद और कई ट्रेवल एजेंसीज़ से बात करने के बाद केरल के कोच्ची में
काम कर रही एक अच्छी और जानी-मानी ट्रेवल एजेंसी से हमारी बात तय हुई. जिसके
अनुसार दिल्ली से कोच्ची हम रेलमार्ग या हवाई मार्ग से अपने खर्चे पर जायेंगे, फिर
आगे घूमने और ठहरने के लिए होटल का इंतज़ाम उनका खुद का होगा. इसके लिए कम से कम
three star श्रेणी के hotel में रहना तय हुआ. तब जैसा कि तय हुआ था, दिनांक 08 दिसम्बर 2018 से 14 दिसम्बर 2018 तक कुल 7 दिन 6
रातो का पैकेज हमने book कर लिया. मेरे पैकेज में 2 रातें मुन्नार, 1 रात thekkady, 2 रातें कोवलम और 1 रात alleppey की थी. मैंने अपने टूर ऑपरेटर से बोल दिया था कि मै छोटे बच्चो के साथ
ट्रेवल कर रहा हूँ. और मुझे कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए.
मैंने दिल्ली से कोच्ची तक जाने के
लिए दिनांक 08 दिसम्बर को सुबह 05:10 वाली एयर इंडिया की फ्लाइट के 4 टिकट ले लिए. ये टिकट मैंने एयर इंडिया की वेबसाइट से ऑनलाइन
खरीदे थे. और तभी मैंने वेबसाइट पर ही दी गयी आप्शन के अनुसार अपनी पसंद की 4 सीट
भी ले ली.
इसी प्रकार वापसी के
लिए कोच्ची से दिल्ली की दिनांक 14 दिसम्बर को दोपहर 01:45 बजे चलने
वाली Spicejet की 4
टिकट ले ली. ये दोनों टिकट मैंने 14 अगस्त को ही खरीद ली थी.
आखिर वो तारीख भी आ गयी
और किसी तरह अपने छोटे बच्चो को तैयार कर सुबह सुबह 04 बजे हम इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल
एअरपोर्ट के टर्मिनल 3 पहुंचे. जब हम चेक-इन काउंटर पर
पहुंचे तो हमे बोर्डिंग पास अलग अलग सीट के दिए गए, जिसमे
सभी की सीट बहुत दूर दूर थी. बच्चो को भी साथ सीट नहीं दी गयी. जबकि मैंने अपनी
सभी सीट पहले ही सेलेक्ट कर ली थी.
Day-1
| Chhiyappara Waterfall |
Day-2
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| Nilgiri Tahr |
| Neelkurunji Details |
हमने सोचा था कि शायद
हमे भी नीलकुरुंजी फूल देखने को मिल जायेंगे, पर वहाँ पहुँचने पर पता चला कि
अक्टूबर महीने में ये फूल खिले थे, जो अब ख़त्म हो चुके हैं. लेकिन वहाँ की खूबसूरती और मनमोहक वादियों ने उस निराशा को भी
भुला दिया.
वहाँ से वापस आते हुए सबसे पहले हम mattuppetty dam देखा, बहुत खूबसूरत जगह थी. इसी के पास Echo Point है, जोकि एक झील है, जहां आप थोड़ा जोर से चिल्लाओगे, तो आपकी आवाज़ वापिस सुनाई देती है. भीड़ बहुत थी, इसलिए उतना मज़ा नही आया. बाद में एक Tea Museum भी गए. पहली बार पता चला कि जो चाय हम रोज़ पीते हैं, वो कितने process से निकलकर हम तक पहुँचती है. और हाँ, एक चाय हमने देखी, जिसकी कीमत ही 60,000 से 75,000 रुपये प्रति किलो थी.
रास्ते की खूबसूरती देखते हुए हम वापिस होटल पहुंचे. रात हमने मुन्नार में ही बिताई.
Day-3
अगले दिन सुबह-सुबह हम
Thekkady के लिए निकले. जोकि तकरीबन 120 किलोमीटर की दूरी पर है. वहाँ तक पहुँचने
के लिए हमे करीब 2.30 घंटे का समय लगा. रास्ते में हमने periyar dam देखा, जोकि
केरल का सबसे ऊंचा dam है और इसी dam से बारिश का अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण
पूरे केरल में अगस्त 2018 में बाढ़ आई थी.
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| Periyar Dam (on left side behind the tree) |
Thekkady खासतौर पर पेरियार नाम की झील में boating के लिए जाना जाता है. यह झील periyar national park के अन्दर है और बहुत बड़ी है.
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| Kathakali Performance |
Xuanzang
केरल से Kalaripayattu सीख कर चीन गया और वहाँ अपने शिष्यों को यह कला सिखाई, जिसमे थोड़ा बहुत बदलाव करके बाद में martial art का नाम दे दिया गया.
रात Thekkady में
बिताकर अगले दिन हम Kovalam के लिए निकले. कोवलम का रास्ता करीब 3.30 घंटे का था,
जो बहुत थकाऊ था. सौभाग्य से हमे कोवलम में जो होटल मिला, उसमे हमे सबसे ऊपर का
कमरा दिया गया. जहां से पूरे कोवलम बीच और arabian sea का बहुत ही सुन्दर दृश्य
दिखता था. वहाँ हम दो दिन रहे. एक दिन हम वहाँ की लोकल मार्किट और कई सारे बीच
घूमे. कोवलम केरल की राजधानी त्रिवेंद्रम में ही स्थित है.
Day-5
| Napier Museum |
अगले दिन हम
त्रिवेंद्रम घूमने के लिए निकले. सबसे पहले हमने वहाँ Napier Museum देखा. यह
म्यूजियम तीन भागो में बंटा हुआ है. और हर भाग की अपनी विशेषता है.
बाद में विश्व विख्यात
पद्मनाभस्वामी मंदिर के दर्शन के लिए गये. कुछ साल
पहले हम सब ने इस मंदिर के तहखाने से ढ़ेरों खजाना मिलने की बातें सुनी थी, यह वही मंदिर है। इस मंदिर के नियमानुसार पुरुष एवं स्त्री सिर्फ धोती पहनकर
मंदिर के दर्शन कर सकते हैं. पुरुषों को कमर से ऊपर कुछ भी पहनकर मंदिर में जाने
की मनाही है.
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| Padmanabhswamy Temple, Trivandrum |
इसके बाद वापिस आकर बड़ा ही स्वादिष्ट भोजन खाकर
रात को कोवलम बीच पर घूमे.
Day-6
इस दिन हम कोवलम से Alleppey, जिसे Alappuzha भी
बोलते हैं, की यात्रा पर निकले. Alleppey केरल का मशहूर Backwater और गाँव की
झोपड़ी के स्टाइल की हाउसबोट क्रूज के लिए जाना जाता है.
करीब 4 घंटे की यात्रा थी. दोपहर करीब 12 बजे
होटल में check-in करके हम backwater cruise के लिए निकले. हमने एक निजी boat बुक
कराई. वहाँ हमने Mangrove Forest देखे. Backwater की सैर करते हुए एक बार हमे ऐसा
लगा कि हम इटली के शहर वेनिस में घूम रहे हैं. नहर के दोनों तरफ घर, बच्चों के
स्कूल, खेत आदि सब था. पता चला कि वहाँ रहने वालो के लिए यातायात का मुख्य साधन
नांवे ही है.
वहाँ कई नहरों से निकलते हुए हम Golden Beach
पहुंचे. यहाँ backwater और Arabian Sea का अनूठा संगम देखने को मिला. वहां सुनहरी
रेट पर ऊँट(Camel) की सवारी का अलग ही मज़ा है. फिर एक बहुत ही चौड़ी नहर के बीच से निकलते
हुए हम वापिस आये. करीब 5 घंटे हमने backwater घूमने का आनंद उठाया.
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| Golden Beach |


अगले दिन हमारी वापिस दिल्ली आने की कोच्ची से
दोपहर 1.45 बजे की Flight थी. इससे पहले हमारा कोच्ची में ही कोच्ची का क़िला और एक
परदेशी उपासनाग्रह देखने का कार्यक्रम था. पर हमें रात को खाना खाने के कुछ देर
बाद बताया गया कि अगले दिन किसी राजनितिक वजह से पूरे केरल में हड़ताल है और सारे
रास्ते, दुकाने आदि बंद हो जायेंगे. इस कारण हमे रात को ही होटल से एअरपोर्ट
पहुँचने की सलाह दी गयी. हमने अपने ड्राईवर से बात की तो उन्होंने भी खबर को सही
बताया और कहा कि हमे रात को 3.30 या 4 बजे तक होटल छोड़ना पड़ेगा.
Day-7
बहुत ही दुखी मन से हम सुबह 4 बजे होटल से निकले
और 6 बजे कोच्ची एअरपोर्ट पहुँच गए. फिर हमने पूरा समय एअरपोर्ट के बाहर बैठकर और
एअरपोर्ट के अन्य हिस्सों को देखते हुए बिताया. और Spicejet की flight पकड़कर वापिस
दिल्ली आ गए.
दोस्तों ये थी हमारी केरल की यात्रा. मैंने अपनी
तरफ से पूरा विस्तार से लिखने की कोशिश की है. आपको कैसी लगी. कुछ कमी लगी हो तो
कृपया बताना जरूर.
आपका अपना
दीपक
















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